Republic Day Celebrations - New Beginnings
- Vibha Singh

- 2 days ago
- 3 min read

Presented by
Vibha Singh
On behalf of EI Events Committee (EIEC)
English Summary
This piece reflects on the celebration of Republic Day, marking the adoption of India’s Constitution on 26th January. The author describes the event as one of the most memorable experiences of their life, as it brought together the entire Emerald Isle community and revived nostalgic memories of school celebrations.
After nearly a year of planning, discussions, and teamwork, the celebration was organized around the theme “Unity in Diversity,” showcasing India’s rich cultural heritage. Performances representing different states — from Punjab’s Bhangra and Gujarat’s Garba to Rajasthan’s vibrant attire, Kerala’s classical dance, Telangana’s tableau, and the cultural glimpses of the North-Eastern states — created the feeling that the entire nation had come alive on one stage.
The author had the honor of hosting the event, describing it as an emotional and proud moment. The program’s success was the result of collective effort — from decoration and music arrangement to technical management and coordination. Every team member and participant contributed wholeheartedly.
The celebration concluded with the National Anthem, a deeply moving moment that symbolized unity and shared pride. More than just an event, this Republic Day became a living example of leadership, collaboration, and the power of togetherness — proving that when people work in harmony, no goal is unattainable.
Jai Hind. Jai Bharat.
विविधता में एकता: एमरल्ड आइल का अविस्मरणीय गणतंत्र दिवस
26 जनवरी हमारे देश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन है।
इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था।
इस वर्ष का यह पर्व मेरे जीवन के अब तक के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया। इसने मुझे न केवल पूरे एमरल्ड आइल परिवार से जोड़ा, बल्कि बचपन के विद्यालयीन दिनों की स्मृतियाँ भी ताज़ा कर दीं।
मुझे इस कार्यक्रम का संचालन करने का अवसर मिला — जो अपने आप में अत्यंत गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय अनुभव था।

इस कार्यक्रम की कल्पना हमने लगभग एक वर्ष पहले ही कर ली थी। अनेक बैठकों और विचार-विमर्श के बाद हर बार कुछ नया सामने आता गया।
हमारी पूरी टीम सदैव पूरे उत्साह के साथ कुछ विशेष करने का प्रयास करती है।
इस वर्ष भी हमने इस समारोह को एक विषय थीम — “विविधता में एकता” — के साथ प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन-शैली को प्रदर्शित करना था।
एमरल्ड आइल मंच पर विभिन्न राज्यों की झलक देखने को मिली —
पंजाब का भांगड़ा, गुजरात का गरबा, हरियाणा की गाथाओं का जोश, राजस्थान की रंग-बिरंगी पोशाकें, केरल का नृत्य, तेलंगाना की विशेष झांकी — और उत्तर-पूर्वी राज्यों की सुंदर संस्कृति भी झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत की गई। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा देश एक मंच पर सजीव हो उठा हो।
मैंने इस कार्यक्रम का संचालन किया। मेरे लिए यह गर्व का क्षण था।
मंच पर खड़े होकर सभी प्रस्तुतियों का परिचय देना और कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाना मेरे लिए अत्यंत भावुक अनुभव रहा।
कार्यक्रम को यादगार बनाने में हमारी पूरी टीम ने अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी।
सभी ने तन-मन से सहयोग किया। किसी ने सजावट की जिम्मेदारी सम्हाली, किसी ने संगीत और मंच व्यवस्था का ध्यान रखा।
तकनीकी टीम ने ध्वनि और मंच संचालन को सुव्यवस्थित रखा, समन्वय टीम ने समय-प्रबंधन और अनुशासन सुनिश्चित किया, जिससे सभी प्रस्तुतियाँ समय पर सम्पन्न हो सकीं।
सभी प्रतिभागियों का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने तैयारी के प्रत्येक चरण में सहयोग किया। निवासियों का उत्साह और आशीर्वाद हमें निरंतर प्रेरित करता रहा।
हमारी टीम की एकजुटता और आपसी विश्वास ने इस कार्यक्रम को वास्तव में भव्य और सफल बना दिया। अंत में जब हमने राष्ट्रगान गाया, वह क्षण अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक था।
ऐसा लगा मानो एमरल्ड आइल केवल एक आवासीय परिसर नहीं, बल्कि एक परिवार बन गया हो।
यह गणतंत्र दिवस केवल एक आयोजन नहीं था — यह सामूहिक प्रयास, नेतृत्व और टीमवर्क का जीवंत उदाहरण था। हमारी टीम ने यह सिद्ध कर दिया कि जब सभी मिलकर कार्य करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।
जय हिंद।
जय भारत।

— डॉ. विभा सिंह






विभिन्न राज्यों की वेशभूषा, नृत्य और संगीत ने पूरे वातावरण को रंगीन और उत्साहपूर्ण बना दिया।
जैसे विभिन्न रंगों से मिलकर ही सुंदर इंद्रधनुष बनता है, उसी तरह विविधता से हमारा भारत देश महान बनता है।
“मन को छू लेने वाला अनुभव! विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ व राष्ट्रीय भावना बहुत अच्छी तरह उभरीं।”