युरोप का सफर
- Sandeep Mishra

- May 9
- 1 min read


Sandeep Mishra
Electrical Engineer,
Gold Medalist,
Senior Executive,
Poet, Tabla Enthusiast.
युरोप का सफर था एक सुहाना सफर
देखा प्रकृति का का खुबसूरत नजारा
और ऐतिहासिक धरोहर।
जिन्हें पढ़ा था किताबों में कभी
उन्हें देखने का मिला एक अवसर।
जिधर भी डालो अपनी निगाहें
हरियाली ही आती थी नज़र।
प्रकृति की गोद में हम घूमें
साफ सुथरे थे सब डगर
देखे फूलों के बाग
और बर्फ से ढके शिखर।
रोम लंदन और पेरिस की बात है निराली
भव्य इमारतों के हैं ये अदभुत शहर
कलोन फ्लोरेंस व वेटिकन सिटी को
मिले विरासत में विशाल गिरजाघर।
इंसान को जब भी मिले अवसर
वह जरूर करे युरोप का सफर
कुदरत का नजारा और ऐतिहासिक नगर
हर जगह उसे आयेंगे नजर ।
संदीप मिश्रा

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